इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम (Muharram) अकीदत और इमाम हुसैन की महान शहादत को याद करने का वक्त होता है। यह महीना सिर्फ एक नया साल नहीं है, बल्कि कर्बला के मैदान में सच्चाई और इंसानियत के लिए दी गई कुर्बानियों को सलाम करने का अवसर है।
इस मुहर्रम पर अगर आप अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और करीबियों को खास दुआएं और पैगाम भेजना चाहते हैं, तो हम आपके लिए लेकर आए हैं बेहतरीन Muharram Wishes, Status, Quotes और Shayari का कलेक्शन। इन्हें आप WhatsApp, Facebook और Instagram पर आसानी से शेयर कर सकते हैं।
🌙 Best Muharram Status in Hindi (मुहर्रम स्टेटस)
WhatsApp और सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए ये मुहर्रम स्टेटस सबसे बेहतरीन हैं:
सजदे से कर्बला को बंदगी मिल गई,
इमाम हुसैन के खून से दीन को जिंदगी मिल गई। मुहर्रम की दुआएं!
Download Imageकर्बला की कहानी हमें सिखाती है कि चाहे जुल्म कितना भी बड़ा क्यों न हो,
जीत हमेशा हक (सच्चाई) की होती है।
आंखों में आंसूं और दिल में इमाम हुसैन की याद…
मुहर्रम का चांद हमें फिर से कर्बला की याद दिला गया।
Download Imageजन्नत की आरजू में कहां जा रहे हैं लोग,
जन्नत तो कर्बला में खरीदी हुसैन ने।
जो हक के लिए कट जाए, वो सिर हुसैन का है।
मुहर्रम के इस पाक महीने में आपको और आपके परिवार को खास दुआएं।
Muharram Shayari in Hindi (मुहर्रम शायरी)
शायरी के जरिए अपनी भावनाएं व्यक्त करने वालों के लिए चुनिंदा मुहर्रम शायरी
क्या जलवा कर्बला में दिखाया हुसैन ने,
सजदे में जाकर सिर कटाया हुसैन ने,
नेजे पे सिर था और जुबां पर आयतें,
कुरान इस तरह सुनाया हुसैन ने!
पानी का तलबगार नहीं ताशा-ए-कर्बला,
प्यासा रहकर भी दुनिया को पिलाया हुसैन ने।
जिंदा इस्लाम को किया हुसैन ने,
हक और बातिल का फर्क दिखाया हुसैन ने,
जो झुक नहीं सकता था किसी जालिम के आगे,
वो सिर खुदा के आगे झुकाया हुसैन ने!
हवाओं में आज भी गूंजती है सदा कर्बला की,
दिलों में आज भी जिंदा है वफा कर्बला की।
Muharram Quotes for WhatsApp & Instagram
अगर आप शार्ट और इम्पैक्टफुल कोट्स खोज रहे हैं, तो इन पैगामों को चुनें:
“इंसानियत को बचाना है तो इमाम हुसैन के रास्ते पर चलना सीखो।”
“मुहर्रम हमें सिखाता है कि जालिम की ताकत के आगे कभी घुटने नहीं टेकने चाहिए।”
“कर्बला सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक सबक है जो कयामत तक याद रखा जाएगा।”
“हुसैन की शहादत ने बता दिया कि सच्चाई के लिए जान देना सबसे बड़ी इबादत है।”
मुहर्रम के महीने का महत्व (Significance of Muharram)
मुहर्रम का महीना त्याग, बलिदान और शांति का प्रतीक है। मुहर्रम की 10 तारीख को ‘यौम-ए-आशूरा’ (Ashura) कहा जाता है। इसी दिन इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने इस्लाम और सच्चाई की रक्षा के लिए कर्बला के मैदान में अपनी जान कुर्बान कर दी थी। इसलिए इस महीने में लोग इबादत करते हैं, रोज़ा रखते हैं और इमाम हुसैन की शहादत को नम आंखों से याद करते हैं।
❤️ Support Our Work
If you enjoy our content, please support our work.
UPI: ektaranjit@ybl
Donate ₹21 Donate ₹51 Donate ₹101









